श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 189
 
 
श्लोक  2.19.189 
জয জয প্রভু মোর সুদর্শন নাম
দ্বিতীয শঙ্কর-তেজ জয কৃষ্ণ-ধাম
जय जय प्रभु मोर सुदर्शन नाम
द्वितीय शङ्कर-तेज जय कृष्ण-धाम
 
 
अनुवाद
"मेरे स्वामी सुदर्शन की जय हो! आप भगवान शिव के समान शक्तिशाली हैं। भगवान कृष्ण के धाम की जय हो!"
 
"Victory to my lord Sudarshan! You are as powerful as Lord Shiva. Victory to the abode of Lord Krishna!"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)