परम सन्तोषे शिव बले,—“माग वर
पाइबे अभीष्ट, अभिचार-यज्ञ कर
अनुवाद
"अत्यंत संतुष्ट होकर शिवजी ने उससे कहा, 'वरदान मांगो। अभिचार-यज्ञ करने से तुम्हें अपना लक्ष्य प्राप्त होगा।'
"Extremely satisfied, Lord Shiva said to him, 'Ask for a boon. By performing the Abhichara-Yagya you will achieve your goal.'
तात्पर्य
अभिचार-यज्ञ अथर्ववेद में वर्णित हिंसक कृत्यों, जैसे हत्या और यातना को संदर्भित करता है। हत्या, विचलित करना, लकवा मारना, ईर्ष्या करना, सम्मोहित करना और यातना देने जैसी हिंसक गतिविधियों के विषय तंत्रों में भी पाए जाते हैं। इसलिए देवी-देवताओं की पूजा करने और अग्नि यज्ञ करने के नुस्खे भी उसमें मिलते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥