श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 165
 
 
श्लोक  2.19.165 
ভূমিতে পডিযা কান্দে প্রভু হরিদাস
অদ্বৈত-গৃহিণী কান্দে, কান্দে যত দাস
भूमिते पडिया कान्दे प्रभु हरिदास
अद्वैत-गृहिणी कान्दे, कान्दे यत दास
 
 
अनुवाद
हरिदास प्रभु ज़मीन पर गिर पड़े और रोने लगे। अद्वैत की पत्नी और उनके सभी सेवक रोने लगे।
 
Haridasa Prabhu fell to the ground and began to cry. Advaita's wife and all his servants also began to cry.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)