vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ
»
श्लोक 16
श्लोक
2.19.16
ঽভক্তি বুঝাইতে সে প্রভুর অবতার
হেন ভক্তি না মানিনুঽ—এই মন্ত্র সার
ऽभक्ति बुझाइते से प्रभुर अवतार
हेन भक्ति ना मानिनुऽ—एइ मन्त्र सार
अनुवाद
“यद्यपि भगवान ने भक्ति सेवा का प्रचार करने के लिए अवतार लिया है, फिर भी मैं ऐसी भक्ति सेवा का कोई सम्मान नहीं करूँगा - यह मेरा संकल्प है।
“Although the Lord has incarnated to propagate devotional service, I will not give any respect to such devotional service – this is my resolve.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×