श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 147
 
 
श्लोक  2.19.147 
মোর চক্রে বারাণসী দহিল সকল
মোর বাণে মরিল রাবণ মহাবল
मोर चक्रे वाराणसी दहिल सकल
मोर बाणे मरिल रावण महाबल
 
 
अनुवाद
“वाराणसी मेरे चक्र से पूरी तरह जल गई और शक्तिशाली रावण मेरे बाण से मारा गया।
 
“Varanasi was completely burnt by my Chakra and the mighty Ravana was killed by my arrow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)