श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 137
 
 
श्लोक  2.19.137 
এথ বুডা বামনেরে, আর কি করিবা?
কোন কিছু হৈলে এডাইতে না পারিবা”
एथ बुडा वामनेरे, आर कि करिबा?
कोन किछु हैले एडाइते ना पारिबा”
 
 
अनुवाद
"यह ब्राह्मण बहुत बूढ़ा है। आप इसके साथ और क्या करेंगे? अगर इसे कुछ हो गया, तो उसके परिणाम के लिए आप ही ज़िम्मेदार होंगे।"
 
"This Brahmin is very old. What more can you do with him? If something happens to him, you will be responsible for the consequences."
तात्पर्य
अद्वैत की पत्नी ने कहा, "अद्वैत तो बहुत बूढ़ा हो गया है। शास्त्रों में ब्राह्मण की हत्या करना निषिद्ध है। यदि अत्यधिक मारने से कोई ब्राह्मण मर जाए तो उस दोष से मुक्ति पाना अपराधी के लिए असंभव है।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)