श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 134
 
 
श्लोक  2.19.134 
পিডা হৈতে অদ্বৈতেরে ধরিযা
আনিযাস্বহস্তে কিলায প্রভু উঠানে পাডিযা
पिडा हैते अद्वैतेरे धरिया
आनियास्वहस्ते किलाय प्रभु उठाने पाडिया
 
 
अनुवाद
वह अद्वैत को उसके आसन से घसीटकर आँगन में ले आया और अपने हाथों से उसे पीटना शुरू कर दिया।
 
He dragged Advaita from his seat into the courtyard and began beating him with his bare hands.
तात्पर्य
क्योंकि अद्वैत ने कहा कि ज्ञान भक्ति से अधिक गौरवशाली है, महाप्रभु उसे आंगन में खींच कर ले गए और लोगों को शिक्षा देने के लिए उसे बेरहमी से पीटने लगे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)