जब हरिदास और अद्वैत पुत्र अच्युत ने भगवान को देखा तो उन्होंने उन्हें प्रणाम किया।
When Haridasa and Advaita's son Achyuta saw the Lord, they bowed to Him.
तात्पर्य
उस समय हरिदास ठाकुर शांतिपुर में अद्वैत के घर पर रह रहे थे। जब महाप्रभु वहां पहुंचे तो अद्वैत के पुत्र अच्युत और ठाकुर हरिदास दोनों ने अपने नमन प्रकट किए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥