श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 110
 
 
श्लोक  2.19.110 
দুই দিন লাগিঽ কেনে স্বধর্ম ছাডিযা
কেনে গেলা ঽবিশ্বরূপ-ক্ষৌরঽ লঙ্ঘিযা?”
दुइ दिन लागिऽ केने स्वधर्म छाडिया
केने गेला ऽविश्वरूप-क्षौरऽ लङ्घिया?”
 
 
अनुवाद
“उन्होंने विश्वरूपक्षौर से दो दिन पहले प्रस्थान करके अपने धार्मिक कर्तव्यों का परित्याग क्यों किया?”
 
“Why did he abandon his religious duties by leaving Vishvarupakshaura two days earlier?”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)