vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य
»
श्लोक 62
श्लोक
2.18.62
অভিন্ন-নারদ যেন শ্রীবাস পণ্ডিত
সেই রূপ, সেই বাক্য, সেই সে চরিত
अभिन्न-नारद येन श्रीवास पण्डित
सेइ रूप, सेइ वाक्य, सेइ से चरित
अनुवाद
श्रीवास पंडित बिल्कुल नारद जैसे दिखते थे, वही रूप, वही शब्द और वही विशेषताएं।
Srivasa Pandita looked exactly like Narada, the same form, the same words and the same characteristics.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×