श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  2.18.50 
ক্ষণেকে নারদ-কাচ কাচিযাশ্রীবাস
প্রবেশিলা সভা-মাঝে করিযা উল্লাস
क्षणेके नारद-काच काचियाश्रीवास
प्रवेशिला सभा-माझे करिया उल्लास
 
 
अनुवाद
इसके कुछ ही देर बाद श्रीवास प्रसन्नतापूर्वक नारद वेश धारण कर मंच पर आये।
 
Shortly after this, Shrivas happily came on the stage dressed as Narada.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)