श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  2.18.44 
হরিদাস দেখিযা সকল-গণ হাসে
“কে তুমি, এখায কেনে”সবেই জিজ্ঞাসে
हरिदास देखिया सकल-गण हासे
“के तुमि, एखाय केने”सबेइ जिज्ञासे
 
 
अनुवाद
हरिदास को देखकर सब हँस पड़े। उन्होंने पूछा, "आप कौन हैं और यहाँ क्यों आए हैं?"
 
Everyone laughed when they saw Haridas. They asked, "Who are you and why have you come here?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)