श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  2.18.41 
“আরে আরে ভাই সব হও সাবধান
নাচিব লক্ষ্মীর বেশে জগতের প্রাণ”
“आरे आरे भाइ सब हओ सावधान
नाचिब लक्ष्मीर वेशे जगतेर प्राण”
 
 
अनुवाद
"हे भाइयो, तैयार हो जाओ! ब्रह्माण्ड का जीवन और आत्मा अब लक्ष्मी के वेश में नृत्य करेंगे।"
 
"O brothers, get ready! The life and soul of the universe will now dance in the guise of Lakshmi."
तात्पर्य
'जगतेर प्राण' का अर्थ श्री गौरसुंदर है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)