vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य
»
श्लोक 217
श्लोक
2.18.217
হৈলা বডাই বুডী প্রভু নিত্যানন্দ
সে লীলায হেন লক্ষ্মী কাচে গৌরচন্দ্র
हैला बडाइ बुडी प्रभु नित्यानन्द
से लीलाय हेन लक्ष्मी काचे गौरचन्द्र
अनुवाद
उस लीला में नित्यानंद प्रभु ने एक बुजुर्ग महिला की भूमिका निभाई, जबकि गौरचंद्र ने देवी लक्ष्मी का रूप धारण किया।
In that pastime, Nityananda Prabhu played the role of an elderly woman, while Gaurchandra assumed the form of Goddess Lakshmi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×