श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 217
 
 
श्लोक  2.18.217 
হৈলা বডাই বুডী প্রভু নিত্যানন্দ
সে লীলায হেন লক্ষ্মী কাচে গৌরচন্দ্র
हैला बडाइ बुडी प्रभु नित्यानन्द
से लीलाय हेन लक्ष्मी काचे गौरचन्द्र
 
 
अनुवाद
उस लीला में नित्यानंद प्रभु ने एक बुजुर्ग महिला की भूमिका निभाई, जबकि गौरचंद्र ने देवी लक्ष्मी का रूप धारण किया।
 
In that pastime, Nityananda Prabhu played the role of an elderly woman, while Gaurchandra assumed the form of Goddess Lakshmi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)