|
| |
| |
श्लोक 2.18.213  |
ইচ্ছা-ময মহেশ্বর ইচ্ছা-কাচ কাচে
তান ইচ্ছা নাহি করে, হেন কোন্ আছে? |
इच्छा-मय महेश्वर इच्छा-काच काचे
तान इच्छा नाहि करे, हेन कोन् आछे? |
| |
| |
| अनुवाद |
| वे प्रभुओं के प्रभु हैं और परम स्वतंत्र हैं। वे जिस रूप में चाहें प्रकट हो जाते हैं। कौन है जो उनकी आज्ञा का उल्लंघन करेगा? |
| |
| He is the Lord of lords and is supremely free. He appears in any form He wishes. Who would disobey His command? |
|
|
| ✨ ai-generated |
| |
|