श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 206
 
 
श्लोक  2.18.206 
পিতাহম্ অস্য জগতো মাতা ধাতা পিতামহঃ
पिताहम् अस्य जगतो माता धाता पितामहः
 
 
अनुवाद
“मैं इस ब्रह्मांड का पिता, माता, आधार और पितामह हूँ।”
 
“I am the father, mother, support and grandfather of this universe.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)