श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 197
 
 
श्लोक  2.18.197 
অন্যোন্যে কান্দে সব পতি-ব্রতা-গণ
সবেই ধরেন শচীদেবীর চরণ
अन्योन्ये कान्दे सब पति-व्रता-गण
सबेइ धरेन शचीदेवीर चरण
 
 
अनुवाद
सभी सतीत्व स्त्रियाँ आपस में रो पड़ीं और माता शची के चरण पकड़ लिये।
 
All the chaste women started crying among themselves and held the feet of Mother Shachi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)