श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 192
 
 
श्लोक  2.18.192 
কোটি-পুত্র-শোকে ও এতেক দুঃখ নহে
যে দুঃখ জন্মিল সব বৈষ্ণব-হৃদযে
कोटि-पुत्र-शोके ओ एतेक दुःख नहे
ये दुःख जन्मिल सब वैष्णव-हृदये
 
 
अनुवाद
भक्तों को जो दुःख हुआ उसकी तुलना लाखों पुत्रों को खोने पर हुए दुःख से नहीं की जा सकती।
 
The grief felt by the devotees cannot be compared to the grief felt by losing millions of sons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)