vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य
»
श्लोक 190
श्लोक
2.18.190
পোহাইল নিশি, হৈল নৃত্য-অবসান
বাজিল সবার বুকে যেন মহাবাণ
पोहाइल निशि, हैल नृत्य-अवसान
बाजिल सबार बुके येन महाबाण
अनुवाद
रात होते-होते नृत्य बंद हो गया। यह बात सबके दिलों में एक तीखे तीर की तरह चुभ गई।
By nightfall, the dancing had stopped. This news pierced everyone's hearts like a sharp arrow.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×