श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 180
 
 
श्लोक  2.18.180 
তোমার মাযায মগ্ন সকল সṁসার
তুমি ন রাখিলে মাতা কে রাখিবে আর
तोमार मायाय मग्न सकल सꣳसार
तुमि न राखिले माता के राखिबे आर
 
 
अनुवाद
"आपकी माया से सारा जगत मोहग्रस्त है। हे माता, यदि आप हमारी रक्षा नहीं करेंगी, तो कौन करेगा?
 
"The entire world is bewitched by your illusion. O Mother, if you do not protect us, who will?
तात्पर्य
"तुम्हारी मायावी शक्ति से बँधे, संसार के ईश्वरविहीन व्यक्ति जन्म और मृत्यु के चक्र में भटकते रहते हैं और कष्ट भोगते हैं। यदि तुम, उनके उपासना के पात्र के रूप में, उनकी रक्षा नहीं करते, तो वे मूर्ख बच्चे तुम्हें पूजनीय नहीं मान सकते हैं। जिसके परिणामस्वरूप, कठोर रस्सियों में उलझे, वे परम प्रभु के चरणों में समर्पण नहीं कर पाते हैं।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)