तुमि श्रद्धा वैष्णवेर सर्वत्र-उदया
राखह जननी दिया चरणेर छाया
अनुवाद
"आप वैष्णवों की नित्य प्रकट श्रद्धा हैं। हे माता, कृपया हमें अपने चरणकमलों की छाया प्रदान करके हमारी रक्षा करें।
“You are the ever-manifest devotion of the Vaishnavas. O Mother, please protect us by giving us the shade of your lotus feet.
तात्पर्य
""विष्णु-भक्ति की ओर लगे हुए प्राणियों का विश्वास प्रकट होकर आप उनकी भक्ति बढ़ाते हैं। आपकी करूणा से वंचित जो प्राणी हैं, वे भौतिक सुखों की इच्छा से पागल हो जाते हैं, और श्रीकृष्ण की सेवा से उनकी रुचि अलग हो जाती है। तभी वह आपको इंद्रियों को केवल तुष्ट करने वाला ही मानते हैं। किंतु जिन पर आप अनुग्रह करते हैं, उनके आप हितैषी बन जाते हैं, और उनके सुख-भोग के साधन बनने के स्थान पर स्वयं उनकी सेवा के साधन हो जाते हैं।""
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥