श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 162
 
 
श्लोक  2.18.162 
কারো গলা ধরিঽ কেহ কান্দে উচ্চরায
কাহারো চরণ ধরিঽ কেহ গডিঽ যায
कारो गला धरिऽ केह कान्दे उच्चराय
काहारो चरण धरिऽ केह गडिऽ याय
 
 
अनुवाद
कुछ लोग एक दूसरे को गले लगाकर जोर-जोर से रोने लगे, तथा कुछ लोग एक दूसरे के पैर पकड़कर जमीन पर लोटने लगे।
 
Some people hugged each other and started crying loudly, and some people started rolling on the ground holding each other's feet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)