श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 157
 
 
श्लोक  2.18.157 
সম্মুখে দেউটি ধরে পণ্ডিত শ্রীমান্
চতুর্-দিকে হরিদাস করে সাবধান
सम्मुखे देउटि धरे पण्डित श्रीमान्
चतुर्-दिके हरिदास करे सावधान
 
 
अनुवाद
श्रीमान पंडित ने भगवान के सामने दीपक रखा और हरिदास ने चारों दिशाओं में सभी को सचेत किया।
 
Shriman Pandit placed a lamp in front of the Lord and Haridas alerted everyone in all four directions.
तात्पर्य
देउटी शब्द का अर्थ होता है दीपक।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)