श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.18.12 
অদ্বৈত বলযে,—“কে করিবে পাত্র-কাচ?”
প্রভু বলে,—“পাত্র সিṁহাসনে গোপীনাথ
अद्वैत बलये,—“के करिबे पात्र-काच?”
प्रभु बले,—“पात्र सिꣳहासने गोपीनाथ
 
 
अनुवाद
अद्वैत ने पूछा, "नायक का वेश कौन धारण करेगा?" भगवान ने उत्तर दिया, "नायक गोपीनाथ होंगे, जो सिंहासन पर विराजमान हैं।"
 
Advaita asked, "Who will wear the guise of the hero?" The Lord replied, "The hero will be Gopinath, who is seated on the throne."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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