श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 105
 
 
श्लोक  2.18.105 
শ্রীবাস বলযে,—“দুই কাহার বনিতা?”
ব্রহ্মানন্দ বলে,—“কেনে জিজ্ঞাস বারতা?”
श्रीवास बलये,—“दुइ काहार वनिता?”
ब्रह्मानन्द बले,—“केने जिज्ञास वारता?”
 
 
अनुवाद
श्रीवास ने पूछा, “तुम्हारे पति कौन हैं?” तब ब्रह्मानन्द ने कहा, “तुम क्यों पूछ रही हो?”
 
Srivasa asked, “Who is your husband?” Then Brahmananda said, “Why are you asking?”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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