“नित्यानंद मेरी दादी होंगी, और हरिदास एक रक्षक होंगे जो सभी को सतर्क रखेंगे।
“Nityananda will be my grandmother, and Haridas will be a protector who will keep everyone alert.
तात्पर्य
बड़ाई शब्द एक बुजुर्ग दादी का उल्लेख करता है। वृंदावन की बुजुर्ग महिला पूर्णमासी है। वह योगमाया के अलावा और कोई नहीं है, राधा और कृष्ण की मुलाकात का साधन।
चैतन्य-चंद्रोदय-नाटक (3.11) में कहा गया है:
श्री-राधा-कृष्ण-संयोग कारिणी जरतीवा
सयोगमाया भगवती नित्यानंद-तनुंश्रिता
"श्री नित्यानंद मंच पर बुजुर्ग तपस्वी देवी योगमाया के रूप में आए, जो राधा और कृष्ण की मुलाकातों की व्यवस्था करने में निपुण हैं।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥