श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 17: नवद्वीप में भगवान का भ्रमण और भक्तों की महिमा का वर्णन  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  2.17.93 
সব রাজ্য-ভার দেই যে মহাপাত্রেরে
অপরাধে সব্য-হাতে তারে শাস্তি করে
सब राज्य-भार देइ ये महापात्रेरे
अपराधे सब्य-हाते तारे शास्ति करे
 
 
अनुवाद
“एक ओर शाही प्रशासक को राज्य पर शासन करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, और दूसरी ओर उसे उसके अपराध के लिए मार दिया जाता है।
 
“On the one hand the royal administrator is entrusted with the responsibility of ruling the kingdom, and on the other hand he is executed for his crime.
तात्पर्य
एक तरफ़ तो वो अपने कर्तव्य के लिए पुरस्कृत करता है, तो दूसरी तरफ़ वो अपनी अयोग्यता के लिए दण्डित भी करता है। दोनों ही कार्य उसके चरित्र की विशेषता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)