श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 17: नवद्वीप में भगवान का भ्रमण और भक्तों की महिमा का वर्णन  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  2.17.61 
হৃদযে থাকিযা না পারিলা লুকাইতে
বিদিত করিল তোমা ভক্ত তথা হৈতে
हृदये थाकिया ना पारिला लुकाइते
विदित करिल तोमा भक्त तथा हैते
 
 
अनुवाद
"आप जीवों के हृदय में छिप न सके। भक्तों ने आपको वहाँ से भी उजागर कर दिया।"
 
"You could not hide in the hearts of living beings. The devotees exposed you even from there."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)