vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना
»
श्लोक 94
श्लोक
2.16.94
আমরা ও ভাগ্যবন্ত হেন ভক্ত-সঙ্গে
এ ভক্তের পদ-ধূলি লৈ সর্ব অঙ্গে”
आमरा ओ भाग्यवन्त हेन भक्त-सङ्गे
ए भक्तेर पद-धूलि लै सर्व अङ्गे”
अनुवाद
"हम भी ऐसे भक्त का संग पाकर सौभाग्यशाली हैं। हम इस भक्त की धूलि को अपने पूरे शरीर पर धारण करते हैं।"
"We too are fortunate to be in the company of such a devotee. We wear the dust of this devotee all over our bodies."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×