श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  2.16.92 
“সত্য সেবিলেন প্রভু এ মহাপুরুষে
কোটি মোক্ষ-তুল্য নহে এ কৃপার লেশে
“सत्य सेविलेन प्रभु ए महापुरुषे
कोटि मोक्ष-तुल्य नहे ए कृपार लेशे
 
 
अनुवाद
"इस महान व्यक्तित्व ने वास्तव में भगवान की सेवा की है, क्योंकि उन्हें प्राप्त दया के एक अंश की तुलना लाखों मुक्ति से नहीं की जा सकती।
 
“This great personality has truly served God, for a fraction of the mercy he received cannot be compared to millions of salvations.
तात्पर्य
यदि इस मुक्ति के उदाहरण को दस मिलियन से गुणा किया जाता है, तो वो उनकी उदारता के एक कण के बराबर नहीं हो सकता।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)