श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  2.16.87 
বিশ্বম্ভর বলে,—“তুমি ভক্তির ভাণ্ডারী
এতেকে তোমার চরণের সেবা করি
विश्वम्भर बले,—“तुमि भक्तिर भाण्डारी
एतेके तोमार चरणेर सेवा करि
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर बोले, "आप भक्ति के भंडारी हैं। इसीलिए मैं आपके चरणकमलों की सेवा करता हूँ।"
 
Vishvambhar said, "You are the storehouse of devotion. That is why I serve your lotus feet."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)