श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  2.16.86 
তোমার সে দেহ, তুমি রাখ বা সṁহারঽ
যে তোমার ইচ্ছা প্রভু, তাই তুমি কর”
तोमार से देह, तुमि राख वा सꣳहारऽ
ये तोमार इच्छा प्रभु, ताइ तुमि कर”
 
 
अनुवाद
"यह शरीर आपका है। आप इसकी रक्षा कर सकते हैं या इसे नष्ट कर सकते हैं। हे प्रभु, जो आपकी इच्छा हो, वह करें।"
 
"This body is yours. You can protect it or destroy it. O Lord, do whatever you wish."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)