श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  2.16.74 
এত বলিঽ অদ্বৈতেরে আপনে ধরিযা
লোটযে চরণ-ধূলি হাসিযা হাসিযা
एत बलिऽ अद्वैतेरे आपने धरिया
लोटये चरण-धूलि हासिया हासिया
 
 
अनुवाद
यह कहकर भगवान ने अद्वैत को पकड़ लिया और उसके चरणों की धूल लेते हुए हंसने लगे।
 
Saying this, the Lord caught hold of Advaita and started laughing while taking the dust from his feet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)