श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  2.16.72 
এই-মত ছলে কহে সুসত্য বচন
শুনিযা আনন্দে ভাসে ভাগবত-গণ
एइ-मत छले कहे सुसत्य वचन
शुनिया आनन्दे भासे भागवत-गण
 
 
अनुवाद
जब भगवान ने इस प्रकार किसी बहाने से सत्य कहा, तो भक्तगण आनंद में डूब गए।
 
When the Lord thus told the truth under some pretext, the devotees were filled with joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)