vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना
»
श्लोक 56
श्लोक
2.16.56
কেহ বা কি লৈযাছে মোর পদ-ধূলি
সবে সত্য কহ, চিন্তা নাহি, আমি বলি”
केह वा कि लैयाछे मोर पद-धूलि
सबे सत्य कह, चिन्ता नाहि, आमि बलि”
अनुवाद
"क्या किसी ने मेरे पैरों की धूल चुरा ली है? चिंता मत करो, मुझे सच-सच बताओ।"
"Has someone stolen the dust from my feet? Don't worry, tell me the truth."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×