श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  2.16.46 
দণ্ডবত্ হঞা পডে চরণের তলে
পাখালে চরণ দুই নযনের জলে
दण्डवत् हञा पडे चरणेर तले
पाखाले चरण दुइ नयनेर जले
 
 
अनुवाद
फिर वह भगवान के चरणों में गिरकर उन्हें प्रणाम करता और अपनी आँखों से आँसुओं से उनके चरण धोता।
 
Then he would fall at the feet of the Lord and pay his respects to Him and wash His feet with the tears from his eyes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)