ইহাতে বৈষ্ণব-সব দুঃখ পায মনে
অতএব সবারে করযে আলিঙ্গনে
इहाते वैष्णव-सब दुःख पाय मने
अतएव सबारे करये आलिङ्गने
अनुवाद
परिणामस्वरूप, सभी वैष्णव दुःखी हो जाते थे। इसलिए वे उन्हें गले लगाते थे।
As a result, all the Vaishnavas became sad. So they embraced him.
तात्पर्य
जब महाप्रभु वैष्णवों के चरणों की धूल लेकर एक भक्त के आदर्श चरित्र का प्रदर्शन करते थे, तो वे अत्यधिक व्यथित हो जाते थे। उनके दुःख को दूर करने के लिए, महाप्रभु ने फिर उनके चरणों से धूल लेने से परहेज किया और उन्हें गले लगाया, और चूंकि भगवान ने अद्वैत प्रभु को पूजनीय माना, इसलिए अद्वैत दुखी महसूस करते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥