श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  2.16.4 
এক-দিন নাচে প্রভু শ্রীবাসের
বাডীঘরে ছিল লুকাইযাশ্রীবাস-শাশুডী
एक-दिन नाचे प्रभु श्रीवासेर
बाडीघरे छिल लुकाइयाश्रीवास-शाशुडी
 
 
अनुवाद
एक दिन जब भगवान श्रीवास के घर में नृत्य कर रहे थे, तब श्रीवास की सास घर के भीतर छिपी हुई थी।
 
One day when Lord was dancing in Srivasa's house, Srivasa's mother-in-law was hiding inside the house.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)