श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  2.16.38 
এই-মত যখন আপনে আজ্ঞা করে
তখন সে চরণ স্পর্শিতে সবে পারে
एइ-मत यखन आपने आज्ञा करे
तखन से चरण स्पर्शिते सबे पारे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार, जब भगवान ने व्यक्तिगत रूप से अनुमति दी, तो हर कोई उनके चरण छू सकता था।
 
Thus, when the Lord personally gave permission, everyone could touch His feet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)