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श्लोक 2.16.33  |
খণ্ডিলে ঈশ্বর-ভাব সবাকার স্থানে
অসর্বজ্ঞ-হেন প্রভু জিজ্ঞাসে আপনে |
खण्डिले ईश्वर-भाव सबाकार स्थाने
असर्वज्ञ-हेन प्रभु जिज्ञासे आपने |
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| अनुवाद |
| जब परमपिता परमेश्वर के रूप में उनका मन विचलित होता तो वे सभी से ऐसे बात करते जैसे कि उन्हें सब कुछ पता ही न हो। |
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| When His mind was disturbed as the Almighty God, He would speak to everyone as if He did not know everything. |
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