जब भगवान विश्वम्भर विष्णु के सिंहासन पर बैठे और उन्होंने अपने चरणकमलों को सबके सिर पर रखा, और जब भगवान ने अपना ऐश्वर्य प्रकट किया, तो अद्वैत सुख के सागर में तैरने लगा।
When Lord Visvambhara sat on the throne of Vishnu and placed His lotus feet on everyone's head, and when the Lord revealed His opulence, Advaita floated in the ocean of bliss.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥