श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.16.23 
এই-মত প্রতি-দিন হরি-সঙ্কীর্তন
গৌরচন্দ্র করে, নাহি দেখে সর্ব-জন
एइ-मत प्रति-दिन हरि-सङ्कीर्तन
गौरचन्द्र करे, नाहि देखे सर्व-जन
 
 
अनुवाद
इस प्रकार गौरचन्द्र प्रतिदिन सामान्य जनता की दृष्टि से छिपकर कीर्तन करते थे।
 
In this way, Gaurchandra used to perform kirtan every day, hidden from the sight of the general public.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)