श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.16.21 
নৃত্য করে গৌর-সিṁহ মহা-কুতূহলী
ধরিযা বুলেন নিত্যানন্দ মহাবলী
नृत्य करे गौर-सिꣳह महा-कुतूहली
धरिया बुलेन नित्यानन्द महाबली
 
 
अनुवाद
सिंह के समान गौरसुन्दर हर्ष से नाचने लगे और परम शक्तिशाली नित्यानन्द ने भगवान को गिरने से बचाने के लिए अपनी भुजाएं फैला दीं।
 
The lion-like Gaurasundara danced with joy, and the supremely powerful Nityananda stretched out his arms to save the Lord from falling.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)