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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना
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श्लोक 143
श्लोक
2.16.143
শুক্লাম্বর-তণ্ডুল তাহার পরমাণ
অতএব সকল-বিধির ভক্তি প্রাণ
शुक्लाम्बर-तण्डुल ताहार परमाण
अतएव सकल-विधिर भक्ति प्राण
अनुवाद
शुक्लम्बर के चावल का ग्रहण इसका प्रमाण है। इसलिए भक्ति सभी नियमों का प्राण है।
The consumption of rice on the Shukla Paksha of the month of Shukla Paksha is proof of this. Therefore, devotion is the lifeblood of all rules.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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