श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 134
 
 
श्लोक  2.16.134 
প্রভু বলে,—“শুন শুক্লাম্বর ব্রহ্মচারি!
তোমার হৃদযে আমি সর্বদা বিহরি
प्रभु बले,—“शुन शुक्लाम्बर ब्रह्मचारि!
तोमार हृदये आमि सर्वदा विहरि
 
 
अनुवाद
भगवान बोले, "सुनो, शुक्लम्बर ब्रह्मचारी! मैं तुम्हारे हृदय में निरन्तर लीलाओं का आनन्द लेता हूँ।
 
The Lord said, "Listen, Shuklamber Brahmachari! I constantly enjoy the pastimes in your heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)