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श्लोक 2.16.130  |
না জানি, কে কোন্ দিগে পডযে কান্দিযাস
বেই বিহ্বল হৈলা কারুণ্য দেখিযা |
ना जानि, के कोन् दिगे पडये कान्दियास
बेइ विह्वल हैला कारुण्य देखिया |
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| अनुवाद |
| रोते हुए कौन कहाँ गिरा, किसी को पता ही नहीं चला। ऐसी करुणा देखकर हर कोई अभिभूत था। |
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| No one knew who fell where, weeping. Everyone was overwhelmed by such compassion. |
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