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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना
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श्लोक 126
श्लोक
2.16.126
শুক্লাম্বর বলে,—“প্রভু কৈলা সর্ব-নাশ
এ তণ্ডুলে খুদ-কণ বহুত প্রকাশ”
शुक्लाम्बर बले,—“प्रभु कैला सर्व-नाश
ए तण्डुले खुद-कण बहुत प्रकाश”
अनुवाद
शुक्लम्बर ने कहा, "हे प्रभु, आपने मुझे बर्बाद कर दिया! ये चावल टूटे हुए कणों से भरे हैं!"
Shuklamber said, "O Lord, you have ruined me! These rice grains are full of broken particles!"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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