"क्या तुम भूल गए कि द्वारका में मैंने तुम्हारे टूटे चावल ज़बरदस्ती खाए थे? भाग्य की देवी कमला ने मेरा हाथ पकड़ लिया था।"
"Have you forgotten that I forcibly ate your broken rice in Dwarka? Kamala, the goddess of fortune, held my hand."
तात्पर्य
इस घटना के वर्णन के लिए, श्रीमद् भागवतम (10.81.10) देखें [इति मुष्टिं सकृज जगध्वा द्वितीयां जगधुं आददे तावच्च्रीर जगृहे हस्तं तत्परा परमेष्ठिनः, “यह कहने के बाद, परम भगवान ने एक मुट्ठी खा ली और दूसरी मुट्ठी खाने के लिए बढ़ा रहे थे तब भक्तवती देवी रुक्मिणी ने उनका हाथ पकड़ लिया।]।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥