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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना
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श्लोक 121
श्लोक
2.16.121
শুক্লাম্বর দেখিযা গৌরাঙ্গ কৃপাময
ঽআইস, আইসঽ করিঽ প্রভু বলযে সদয
शुक्लाम्बर देखिया गौराङ्ग कृपामय
ऽआइस, आइसऽ करिऽ प्रभु बलये सदय
अनुवाद
शुक्लम्बर को देखते हुए परम दयालु गौरांग ने उन्हें बार-बार पुकारा, “आओ! आओ!
Seeing Shuklamber, the most compassionate Gauranga called out to him again and again, “Come! Come!
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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