श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 16: भगवान का शुक्लाम्बर के चावल को स्वीकार करना  »  श्लोक 116
 
 
श्लोक  2.16.116 
চৈতন্যের কৃপা-পাত্র কে চিনিতে পারে?
যখন চৈতন্য অনুগ্রহ করে যারে
चैतन्येर कृपा-पात्र के चिनिते पारे?
यखन चैतन्य अनुग्रह करे यारे
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य की कृपा के पात्र को कौन पहचान सकता है? केवल वही व्यक्ति पहचान सकता है जिस पर भगवान की कृपा हो।
 
Who can recognize the recipient of Lord Caitanya's grace? Only one who is blessed by the Lord can recognize him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)